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Personalized Marriage Horoscope Hindi

व्यक्तिगत वैवाहिक जन्मकुंडली हिंदी में – Personalized Marriage Horoscope Hindi

व्‍यक्‍तिगत वैवाहिक कुंडली आपकी जन्‍म तिथि के आधार पर तैयार की जाती है। विवाह से संबंधित जो भी प्रश्‍न आपके दिमाग में तैरते रहते हैं, उन सभी का इस कुंडली में विवेचन किया जाता है। आप उन प्रश्‍नों की सूची में से अपना प्रश्‍न चुनिए और विवाह की पूरी रिपोर्ट प्राप्‍त कर सकते हैं। यह वैवाहिक कुंडली मैं स्‍वयं तैयार करता हूँ, इसको तैयार करने में समय लगता है तो मेरा आपसे अनुरोध है कि कृपया धैर्य रखिए।

यदि आपके मन में प्रश्‍न उठता है कि व्‍यक्‍तिगत वैवाहिक कुंडली की क्‍या आवश्‍यकता है? तो आपको मैं स्‍पष्‍ट करना चाहता हूँ कि मनुष्‍य के जन्‍म के बाद सबसे महत्‍वपुर्ण पडाव “विवाह” माना गया है। आपके जीवन के साथ एक और जीवन जुड जाता है, जीवनसाथी को आधा अंग माना गया है। इसलिए जो व्‍यक्‍ति आपका आधा अंग बनने जा रहा है, उसके चुनाव में सावधानी और समझदारी तो दिखानी चाहिए, यह रिपोर्ट आपको जीवनसाथी के चुनाव में सहायक सिद्ध होगी।

विवाह से संबंधित बहुत ही सामान्‍य प्रश्‍न जैसेकि जीवनसाथी का व्‍यक्‍तित्‍व, वह कैसा दिखता है / दिखती है, विवाह की आयु और विवाह कैसे होगा इत्‍यादि प्रश्‍नों को रिपोर्ट में विशेष रूप से स्‍थान दिया जाता है।

इन सभी प्रश्‍नों का उत्‍तर अनुभवी ज्‍योतिषी अशोक प्रजापति द्वारा दिया जाता है। आप इन प्रश्‍नों के उत्‍तरों के अतिरिक्‍त विवाह से संबंधित महत्‍वपुर्ण प्रश्‍नों के उत्‍तर भी प्राप्‍त कर सकते है। इस लेख में विवाह से संबंधित कुछ महत्‍वपूर्ण प्रश्‍नों का विवरण संक्षेप में उनके उत्‍तर सहित किया जा रहा है। इस लेख के अंत में एक फार्म दिया गया है, उस फार्म को भरिए, जिस प्रश्‍न का उत्‍तर चाहिए, उस प्रश्‍न का चुनाव किजिए और भेज दिजिए। एक प्रश्‍न का उत्‍तर देने के लिए रूपये 200/- शुल्‍क लिया जाएगा। आपको विश्‍वास दिलाया जाता है कि जिन प्रश्‍नों के उत्‍तर की आप तलाश कर रहें है, व्‍यक्‍तिगत वैवाहिक रिपोर्ट में उसे प्राप्‍त करके पुर्ण संतुष्‍टि का अनुभव करेंगे।

 

विवाह का समय, माह और वर्ष

विवाह के निर्णय पर निसंदेह ग्रहों का प्रभाव रहता है। जन्‍मकुंडली में विवाह के लिए उत्‍तरदायी ग्रहों और महादशा-अंतर्दशा विवाह का विचार करके यह फलकथन कहा जाता है कि विवाह किस समय होगा, किस वर्ष और किस महीने में होगा।

 

जीवनसाथी का व्‍यक्‍तित्‍व

प्रत्‍येक व्‍यक्‍ति यह चाहता है कि उसका जीवनसाथी सुंदर, आकर्षक और अच्‍छा दिखने वाला हो। जन्‍मकुंडली के नवांशचक्र द्वारा यह जानकारी प्राप्‍त की जाती है। हम आपकी जन्‍मकुंडली और नवांश कुंडली का विचार करके आपको बताया जाएगा कि आपके जीवनसाथी का व्‍यक्‍तित्‍व, उसकी लंबाई, रूप-रंग इत्‍यादि कैसा होगा।

 

जीवनसाथी का व्‍यवसाय क्‍या होगा

किसी युवती के लिए विवाह जितना महत्‍वपूर्ण है, जीवनसाथी का व्‍यवसाय भी उतना ही महत्‍वपूर्ण है। क्‍योंकि रोजगार विहीन जीवनसाथी के साथ विवाह के बाद अन्‍य समस्‍याएं उत्‍पन होंगी। इसलिए यह सुनिश्‍चित करना बहुत आवाश्‍यक है कि जीवनसाथी का स्‍थिर और स्‍थायी व्‍यवसाय, रोजगार, नौकरी हो। जन्‍मकुंडली का नवांशचक्र जीवनसाथी के व्‍यवसाय के बारे में उत्‍तर उपलब्‍ध करवाता है। नवांशचक्र के ग्रह यदि अच्‍छे और अनुकूल होंगे तो स्‍थायी व्‍यवसाय होगा इसके विपरीत स्‍थिति होने पर कारोबार डांवाडोल हो सकता है, नौकरी अस्‍थायी हो सकती है। हम नवांशचक्र के अध्‍ययन से इस प्रश्‍न का विस्‍तार से उत्‍तर तैयार करते है।

 

जीवनसाथी का स्‍वभाव

प्रत्‍येक व्‍यक्‍ति यह चाहता है कि उसके जीवनसाथी का स्‍वभाव और प्रकृति उसके अनुकूल हो क्‍योंकि प्रतिकूल स्‍वभाव वाले जीवनसाथी के साथ रहना, जीवन व्‍यतीत करना बहुत ही कठिन है। नवांश चक्र के अध्‍ययन द्वारा इस प्रश्‍न का विचार किया जाता है, आपके जीवनसाथी का स्‍वभाव कैसा होगा यह जानने में आपकी सहायता की जाती है।

 

विवाह के बाद जीवनसाथी के साथ आपका निजी जीवन

हम बहुत बार देखते है कि कुछ लोगों का जीवन विवाह के बाद बहुत अच्‍छा होता है परन्‍तु दुर्भाग्‍य से कुछ लोगों का जीवन ऐसा होता है कि पति-पत्‍नी दोनो बस एकसाथ समय व्‍यतीत करते है उनमें प्‍यार, आकर्षण नाम की कोई चीज नहीं होती। इस प्रश्‍न का उत्‍तर प्राप्‍त करने में हम आपकी सहायता करेंगे। नवांशचक्र में चंद्रमा की स्‍थिति से इस प्रश्‍न पर विचार किया जाता है।

 

विवाह के पश्‍चात वित्‍तीय स्‍थिति

विवाह के बाद वित्‍तीय स्‍थिति के बारे में जानकारी का पता पति-पत्‍नी दोनो की जन्‍मकुंडली के आधार पर किया जाता है। पति-पत्‍नी दोनो की संगत और साहचर्य वित्‍तीय रूप से अच्‍छा और बुरा दोनो हो सकता है। कुछ लोग अपने जीवनसाथी के लिए सौभाग्‍यशाली जबकि कुछ दुर्भाग्‍य लेकर आते है। उदाहरण के लिए कुछ युवतियों को अपनी बहुत अच्‍छी नौकरी विवाह के बाद छोडनी पडती है और वित्‍तीय रूप से केवल पति पर निर्भर हो जाती है। हम इस प्रश्‍न की विवेचना भी अपनी रिपोर्ट करते है।

 

विवाह के बाद कैरियर क्‍या होगा? व्‍यवसाय या नौकरी?

किसी भी एक व्‍यक्‍ति के ग्रह अपने जीवनसाथी को प्रभावित करते है। उदाहरण के लिए, यदि युवती सौभाग्‍यशाली है तो जीवनसाथी का व्‍यवसाय विवाह के बाद और फले-फूलेगा। विवाह रिपोर्ट में, इस प्रश्‍न का उत्‍तर प्राप्‍त करने में हम आपकी सहायता करेंगे।

 

विवाह के बाद स्‍वास्‍थय

विवाह के बाद स्‍वास्‍थय प्रभावित होता है, कुछ मोटे हो जाते है। ज्‍योतिष की सहायता से हम यह जान सकते है कि विवाह के बाद हमारा या हमारे जीवनसाथी का स्‍वास्‍थय कैसा होगा। चंद्रराशि, सूर्यराशि और नवांश कुंडली पर विचार करने पर स्‍वास्‍थय के संबंध में जानकारी प्राप्‍त की जा सकती है।

विवाह के बाद संतान

संतान प्रश्‍न का विचार विवाह के बाद पति-पत्‍नी दोनो की जन्‍मकुंडली से किया जाता है। विवाह पश्‍चात संतान प्राप्‍त होने में देरी तो नहीं होगी, शीघ्र होगी, देरी से होगी या समयानुसार होगी। ज्‍योतिष की सहायता से हम इस प्रश्‍न पर विचार करके रिपोर्ट तैयार करते है।

 

विवाह के बाद परिवारिक वातावरण

यह प्रश्‍न युवतियों के लिए बहुत महत्‍वपुर्ण है। बहुत सारे मामलों में, युवतियों के पति तो उनके सहायक और समर्थक होते है परन्‍तु ससुराल के अन्‍य सदस्‍य समर्थक नहीं होते जबकि कुछ मामलों में ससुराल के सदस्‍य भी समर्थक होते है। हम इस प्रश्‍न का उत्‍तर भी ज्‍योतिष की सहायता से तैयार करते है।

 

परिवार के साथ संबंध

यदि जन्‍मकुंडली में ससुराल से संबंधित ग्रह अनुकूल और शुभ है तो जातक ससुराल पक्ष के साथ आनंद से जीवन व्‍यतीत करता है। पुरूष जातकों के मामलों में उन्‍हें ससुराल से सहयोग मिलता है। जिन व्‍यक्‍तियों के लिए परिवारिक समर्थन और सहयोग महत्‍वपूर्ण है, वे इस प्रश्‍न के संबंध में हमसे रिपोर्ट प्राप्‍त कर सकते है।

 

विवाह कैसे होगा – प्रेमविवाह या अरेंज विवाह

कुछ मामलों में ऐसा देखा गया है कि लडका-लडकी विवाह के लिए राजी है, उनके परिजन भी राजी है परन्‍तु लडके या लडकी के बडे भाई या बडी बहन के अविवाहित होने की वजह से उनके विवाह में अडचन आ रही है। लडके के परिवार के लोग कहते है कि बडे भाई के होते हुए छोटे की शादी कैसे की जा सकती है जबकि कई बार लडकी की बडी बहन अविवाहित है तो कहा जाता है कि बडी बहन के अविवाहित रहते हुए छोटी बहन का विवाह होने पर समाज में क्‍या संदेश जाएगा। इन कारणों से विवाह नहीं हो पा रहा होता है, इस कारण समस्‍या पैदा होती है। ज्‍योतिष रिपोर्ट में इस प्रश्‍न पर भी विचार करके समाधान ढूंढने का प्रयास किया जाता है और बताया जाता है कि प्रेमविवाह होगा या अरेंज विवाह।

 

विवाह किससे करेंगे – एक से अधिक विवाह प्रस्‍ताव उपलब्‍ध होने पर

कई बार कुछ जातक एक से अधिक प्रेम प्रसंग में होते हैं या फिर उनके पास एक से अधिक विवाह प्रस्‍ताव होते है और सभी प्रस्‍ताव एक से बढकर एक होते है। ऐसा होने पर चुनाव में भी कठिनाई होती है। ऐसी स्‍थिति में ज्‍योतिष आपको सर्वश्रेष्‍ठ निर्णय लेने में सहायता करता है और संकेत करता है कि भविष्‍य में कौन आपका सबसे अच्‍छा जीवनसाथी सिद्ध होगा।

 

अरेंज विवाह होने पर जीवनसाथी कहां से संबंधित होगा

अरेंज विवाह होने जा रहा है, जीवनसाथी की तलाश हो रही है, जीवनसाथी कहां से मिलेगा, किसी सगे-संबंधी द्वारा बताया जाएगा या फिर मैट्रीमोनी साईट के माध्‍यम से आपका जीवनसाथी के साथ मेल होगा। वैवाहिक फलकथन रिपोर्ट के द्वारा आपको बताया जाएगा कि आपका जीवनसाथी के साथ संपर्क कौन करवाएगा।

 

आप कहां पर वैवाहिक बंधन में बंधोगे

यह प्रश्‍न विवाह के स्‍थल से संबंधित है। कुछ लोग विवाह के बाद विदेश में सैटल होते है जबकि कुछ को विवाह के बाद अपना जन्‍मस्‍थल छोडना होता है। इस प्रश्‍न का उत्‍तर भी ज्‍योतिष की सहायता से जान सकते है।

 

विवाह के बाद प्रोफैशनल / व्‍यावसायिक जीवन

कुछ लोग अपना विवाह कुछ खास प्रोफैशनल से ही करना चाहते है जैसेकि डॉक्‍टर, आई.ए.एस. अफसर इत्‍यादि। इस कारण से वे बहुत ही अच्‍छे विवाह के प्रस्‍ताव ठुकरा देते है क्‍योंकि वे अपने चयनित व्‍यवसाय, नौकरी में ही रहना चाहते है। इस संबंध में हम ज्‍योतिष की सहायता से रिपोर्ट तैयार करते है।

अंत में, विवाह के बाद किस्‍मत

यह वेतन, स्‍थायीत्‍व से संबंधित है क्‍योंकि कुछ लोगों में पैसे को लेकर बहुत ही अभिमान की भावना होती है। स्‍त्री हो या पुरूष वे विवाह के बाद अपने जीवनसाथी पर पैसे को लेकर हावी होने का प्रयास करते है। इस प्रश्‍न की विवेचना भी ज्‍योतिष की सहायता से करते है।

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