Home » Horoscope » Kumbha Vivah

Kumbha Vivah

You would have heard or read about Kumbh Vivah. The word “Kumbh” is a Sanskrit word. It means earthen pot and vivah means marriage. Generally, the astrologers advise performing Kumbh Vivah to those girls who are having Manglik dosha in their horoscope.

Who can perform Kumbha Vivah

In other words, you can say that Kumbh Vivah is related to Manglik dosha or Manglik Yog. When Mars sits in the 1, 4, 7, 8, 12 house of the horoscope it sees the seventh house of the horoscope. The seventh house is considered as the house of marriage or house of the life partner or the house of the spouse. As per the Vedic astrology, the effect of Mars on the seventh house is not good for the Marriage and married life.

This is not any peculiar situation, in fact; approximately 40% horoscopes shall have this Manglik Yog. But the malignity of this Yog can be assessed only after the depth study of the horoscope. After the detailed study of horoscopes, it has come to my notice that only 10% to 12% of people are affected under the inauspicious influence of Mars. The people who are badly affected by the Mars or Manglik Yog are advised to perform the Kumbh Vivah to save from the divorce or divorce like situation.

When Kumbh Vivah Needed the Reason

Behind the advice of Kumbh Vivah is there very reasonable and justified answer given by the astrologers that if there is a possibility of divorce or the possibilities of two marriages as per horoscope then first marriage will perform with a water pot.  The logic is if the first marriage has to be ended by a break up why not marry with a Kumbh (Water Pot) & break this marriage. When you will get married the marriage will be counted as your 2nd marriage because 1st marriage you broke up. This is cancellation of 2nd Marriage Yog from your life.

During the Kumbh Vivah, a girl’s marriage performs with the earthen pot with all Vedic rituals as if she is being married to a boy. After the marriage with Kumbh, the earthen pot should be broken.

In this way, after the Kumbh vivah when the girl gets married to the boy her marriage will be treated second marriage not the first.

Kumbh Vivah Benefits

One can save his/her married life by doing the Kumbbha Vivah. This is the main benefit of Kumbh Vivah.

What is the procedure & cost of Kumbha Vivah

If you are advised to perform Kumbha Vivah you should go to a Pandit & ask about its procedure. The Pandit should be well informed about the procedure of Kumbha Vivah.

This is like real marriage but…

  • There is no need to invite people.
  • This is secret marriage where your mother, your mama & your brother can be present.
  • No Muhurat needed for Kumbha Vivah
  • This is a marriage which you are doing to break up.
  • This is not costly.

The approximately cost on Kumbha Vivah should be below 7000 Rs. The mantras & procedure will be same like real marriage.

Hindi Translation…

क्या है कुम्भ विवाह What is Kumbh Vivah

कुम्भ विवाह का सम्बन्ध मांगलिक योग से है | मंगल जन्मकुंडली में 1,4,7,8,12वें स्थान में बैठा हो तो मंगल की दृष्टि कुंडली के सातवें घर पर पड़ती है | सातवाँ घर कुंडली में पत्नी या जीवनसाथी का होता है | विवाह के लिए सातवें घर की स्थिति का आकलन किया जाता है | यदि मंगल का प्रभाव या स्थिति सातवें घर पर हो तो मांगलिक योग बनता है | यह योग चालीस प्रतिशत लोगों की कुंडलियों में मिल जाएगा और इसमें मंगल की क्षमता का गहराई से अध्ययन करने के बाद ही पता चलता है कि मांगलिक योग है या नहीं | इस तरह से देखा जाए तो मांगलिक का प्रतिशत चालीस प्रतिशत से सीधा दस या बारह प्रतिशत पर आ जाएगा | इनमे से भी जो लोग बहुत हद तक मंगल के बुरे प्रभाव से पीड़ित हैं या जिनका पहला विवाह मांगलिक दोष या किसी अन्य योग के कारण टूटने का योग हो उन्हें कुम्भ विवाह की सलाह दी जाती है |

Kumbha Vivah

क्यों किया जाता है कुम्भ विवाह

कुम्भ विवाह करने के पीछे बहुत ही औचित्य पूर्ण तर्क मिलता है कि यदि किसी कन्या की दो शादियों का योग हो तो शादी से पहले विधि विधान से जिस प्रकार किसी व्यक्ति के साथ विवाह किया जाता है उसी प्रकार निर्जीव वस्तु यानी घड़े से विवाह कराकर उस घड़े को तोड़ दिया जाता है | इस तरह से कन्या की जब शादी होगी तो उसे पहली न मानकर दूसरी शादी माना जाएगा |

Kumbh Vivah Inquiry

 

Verification

किसे करना चाहिए कुम्भ विवाह

कुम्भ विवाह किसे करना चाहिए या किसे नहीं करना चाहिए यह जानना आवश्यक है क्योंकि ऐसे झोलाछाप पंडित भी हैं जो अधकचरे ज्ञान के चलते केवल यह देखकर कि लड़की मांगलिक है कुम्भ विवाह की सलाह दे देते हैं | अपने थोड़े से पैसों के लाभ के लिए जो लोग ऐसा करते हैं उसका खामियाजा किसी मासूम को भुगतना पड़ सकता है | कुम्भ विवाह भी वास्तव में विवाह ही है और इसके बाद होने वाले विवाह को कुंडली के दूसरे घर से देखा जाएगा | यदि सभी मांगलिक लोगों का कुम्भ विवाह जरूरी है तो तलाक या पुनर्विवाह के मामले कम से कम चालीस प्रतिशत केवल मांगलिक लोगों की वजह से होते | इसलिए केवल मांगलिक देखकर जो लोग अनाप शनाप भविष्यवाणी करते हैं उनसे बचें | कुम्भ विवाह तभी करना चाहिए जब दो विवाह का योग कुंडली में हो | नीचे दी गई कुंडली मेरे एक मित्र की बेटी की है जिसे मैंने स्वयं कुम्भ विवाह की सलाह दी थी |

kumbha-vivah-client

सबसे पहली बात तो यह है कि यह जातिका मांगलिक नहीं है | शुक्र और शनी सातवें घर में काफी अच्छे होते हैं परन्तु एक साथ नहीं | इस कुंडली में दो विवाह का योग है जिसकी वजह यह है कि शुक्र चित्र नक्षत्र में है जो कि मंगल का है | मंगल इस कुंडली में छठे स्थान से सम्बन्ध रखता है | छठे स्थान से सातवें स्थान का सम्बन्ध ही पहले विवाह को असफल करना के लिए काफी है | शनि भी स्वाति नक्षत्र में है जो कि राहू का है | इस तरह सातवें घर का सम्बन्ध मंगल, राहू और शनि से है | शनि इस कुंडली में उतना बुरा प्रभाव नहीं रखता है क्योंकि उच्च राशि में है इसलिए मंगल और राहू से दो विवाह का योग बनता है |

कुम्भ विवाह के अन्य विकल्प

अर्क विवाह या वट विवाह का भी वही उद्देश्य होता है जो कुम्भ विवाह का है | स्थान और देश के अनुसार सब जगह अपनी अपनी तरह से लोग कुम्भ विवाह या अर्क विवाह करते हैं | वट वृक्ष से विवाह करवाना वट विवाह कहलाता है | आक का पौधा होता है आक के पौधे से विवाह अर्क विवाह कहलाता है और भी कई चीजें हो सकती हैं परन्तु उपरोक्त जो कुछ मुझे ज्ञात है मैंने वही लिखा है | अर्क का पौधा शनि से सम्बन्धित है जहाँ शादी में देर के लिए शनी जिम्मेदार हो वहां अर्क विवाह किया जा सकता है | मंगल के लिए कुम्भ विवाह ही होता है | यदि कन्या की कुंडली में वैधव्य योग हो तो उत्तर भारत में विष्णु की प्रतिमा से विवाह किया जाता है |

निष्कर्ष

यदि जरूरी हो तो कुम्भ विवाह, अर्क विवाह या वट विवाह जो भी कहा गया है करवाने में कोई नुक्सान नहीं है | यह क्रिया श्रद्धा और विशवास के साथ की जानी चाहिए | इस क्रिया को गुप्त रूप से करना चाहिए | यदि लड़की के मामा की मदद ली जाए तो सर्वोत्तम है | वट विवाह, पीपल विवाह आदि से बचना चाहिए क्योंकि वृक्षों पर ओपरी पराई शक्तियों का प्रकोप हो सकता है |

 

 

Leave a Reply

Advertisement