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kab hogi behen ki shadi

कब होगी आपके भाई/बहन की शादी-जानिए अपनी कुंडली से

हमारे भारतीय समाज में हमारे बच्चों की शादियां क्रम में होती हैं। बड़े की सबसे पहले, उसके बाद उसके छोटे की और उसके बाद उससे भी छोटे की शादी होती है। अगर बड़ा भाई अभी कुंवारा है तो छोटे भाई की पहले शादी नहीं की जा सकती। अगर छोटे भाई की शादी पहले हो जाए तो समझा जाता है कि बड़े भाई में कोई कमी होगी । ऐसे बहुत से केस हमारे सामने आए हैं जिसमें छोटे भाई के शादी के लिए सारी तैयारियां हो चुकी हैं लड़की वाले भी राजी हैं और लड़के वाले भी। लेकिन इस वजह से शादी नहीं हो रही कि बड़ा भाई अभी कुंवारा है। जिसके कारण परिवार पर सवभाबिक तनाव बन जाता है। ऐसी स्थिति में संभव होता है कि अच्छा मिलान ना मिले या फिर जल्दबाजी में शादी करनी पड़ जाती है। इस पोस्ट में मैं आपको बताऊंगा कि आपकी कुंडली के अनुसार आपके भाई या बहन की शादी कब होगी।

भाई की शादी

सबसे पहला सूत्र यह है कि भाई का कारक मंगल होता है और बहन का बुध। सबसे पहले यह देखिए कि आपकी कुंडली में मंगल की स्थिति क्या है। यदि मंगल शनि द्वारा दृष्ट है या फिर शनि के साथ बैठा है या सूर्य द्वारा अस्त है। तो आपके भाई की शादी में अनावश्यक विलंब हो सकता है। जिसका असर आपकी शादी पर भी पड़ेगा। विलंब के लिए उत्तरदाई ग्रह जब गोचर में अच्छी स्थिति में आता है। तब भाई की शादी का योग बनता है।

  • कुंडली में मंगल की दशा में जब गुरु का या चंद्र का प्रत्यंतर आता है तब भाई की शादी होती है ।
  • जब जन्म कुंडली मैं किसी भी ग्रह की महादशा का अंत हो रहा होता है तब भाई की शादी होती है।
  • गोचर में यदि गुरु की दृष्टि में मंगल आए तो भाई की शादी निश्चित होती है।
  • आपकी जन्मकुंडली में जब गुरु दूसरे स्थान में आता है तब भाई की शादी होती है।
  • जब गोचर में दो से अधिक ग्रह भ्रमण करें तब भाई की शादी होती है ।
  • जब इस तरह के योग बने तो समझ लीजिए कि आपके भाई की शादी का समय आ गया। यदि फिर आपको यह निश्चित करना हो कि आपके भाई की शादी कब होगी तो आप हमसे संपर्क कर सकते हैं।

बहन की शादी

यदि आपकी बड़ी बहन की शादी में देरी हो रही है या फिर आपकी शादी में रुकावट पैदा कर रही है। तो आपकी कुंडली में बन रही हो बता सकते हैं कि आपकी बहन की शादी कब होगी। बहन का कारक बुध होता है। और जब जन्म कुंडली में जब बुध की महादशा या प्रत्यंतर दशा आती है तो बहन की शादी का योग बनता है। कुंडली का दूसरा घर मांगलिक कार्यों के लिए जाना जाता है इसी तरह नौवां घर धार्मिक कार्यों और शादी के लिए देखा जाता है। जब कुंडली में इन दोनों में से किसी एक घर में बैठे ग्रह का समय आता है। तब घर में मांगलिक कार्य संपन्न होता है। सगी बहन की शादी हो या सगे भाई की, चाची के लड़के की हो या मौसी के लड़के की घर के मांगलिक कार्य तभी संपन्न होते हैं जब कुंडली में दुसरे या नौवें घर के ग्रह का समय आता है।

निष्कर्ष

आपकी कुंडली से यह पता लगाया जा सकता है। कि आपके भाई बहन की शादी कब होगी। क्योंकि आपकी परिवार में भी स्थिति है जो आपके भाई या बहन की जब परिवार में उत्सव होगा मांगलिक कार्य होगा तो सारे परिवार का होगा। वह किसी एक का नहीं होता इसलिए विवाह योग्य मांगलिक कार्य एक या अधिक परिवार के सदस्यों की कुंडली में होने से घर में उत्सव होते हैं। आपको यह पोस्ट कैसी लगी इस विषय में अपने विचार अवश्य प्रकट कीजिए। यदि कोई सुझाव हो अवश्य शेयर करें।

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