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दुश्मन जमीन जायदाद

दुश्मन जमीन जायदाद

प्रस्‍तुत लेख के माध्‍यम से मैं आपके समक्ष जमीन-जायदाद के कारण होने वाले झगडों के संबंध में ज्‍योतिष के दृष्‍टिकोण से चर्चा करने जा रहा हूँ। इसमें तो किसी को भी संदेह नहीं होना चाहिए कि घर-परिवार में आपस में सबसे ज्‍यादा झगडे जमीन-जायदाद के कारण ही होते है। मॉं-बाप और बेटों में, भाइयों और भाइयों में जायदाद के कारण इतना ज्‍यादा विवाद बढ जाता है कि एक दूसरे की जान ले लेते हैं। समाचार-पत्रों में आए दिन देखते ही है कि बेटे ने बूढे बाप को जायदाद के कारण जान से मार दिया, भाई ने भाई को मार डाला।

जायदाद के कारण इतनी बुद्धि भ्रष्‍ट क्‍यों होती है? व्‍यक्‍ति इतनी नीचता पर क्‍यों उतर आता है। मैंने अपने अनुभव से देखा है कि जिस घर में जायदाद नहीं होती, वहां पर आपस में प्रेम बना रहता है। कम से कम इतनी शत्रुता तो देखने को नहीं मिलती।

इस विषय पर विचार करने के बाद प्रश्‍न निकल कर आते है कि भाई और भाई में आपस में बहुत प्‍यार था परन्‍तु जायदाद के कारण दुश्‍मनी पैदा हुई। अर्थात दोष भाइयों और उनकी बुद्धि का नहीं बल्‍कि जायदाद का है, जमीन का है। ऐसे कौन से ग्रह है जिनके कारण जीवनदायिनी जमीन जीवन को छीनने वाली बन जाती है। स्‍वर्ग कहे जाने वाली धरती जीवन को नरक क्‍यों बना देती है।

कोई भी इस प्रकार से अपना जीवन खराब नहीं करना चाहेगा। यदि आप भी प्रापर्टी संबंधी कोई सौदा करने जा रहें है तो जमीन-जायदाद और मकान खरीदते समय अपनी जन्‍मकुंडली अवश्‍य किसी विद्वान ज्‍योतिषी को दिखवा लें और पूछ ले कि क्‍या आपकी जन्‍मकुंडली के ग्रह प्रापर्टी खरीदने के लिए अनुकूल है या नहीं। यदि आपकी जन्‍मकुंडली के ग्रह प्रापर्टी की खरीद के अनुकूल नहीं है तो अपने नाम पर प्रापर्टी कभी न खरीदें। अपनी पत्‍नी या बेटे के नाम पर ही प्रापर्टी खरीदें।

दूसरी बात ध्‍यान यह रखें कि जो प्‍लाट, मकान इत्‍यादि खरीदा जा रहा है, किसी वास्‍तुशास्‍त्री से सलाह लें कि उक्‍त उक्‍त मकान या प्‍लाट वास्‍तु के अनुसार आपके लिए शुभ है या अशुभ है। इस बात की जांच कर लें कि उस जमीन पर कभी कोई कब्रिस्‍तान, श्‍मशान इत्‍यादि तो नहीं था। जो मकान आप सस्‍ता समझ कर खरीदने जा रहें है, कहीं उस मकान में रहने वाले की असमय मृत्‍यु तो नहीं हुई थी। किसी ने उस मकान में आत्‍महत्‍या तो नहीं की थी या फिर उस मकान में कत्‍ल जैसा जघन्‍य कांड तो नहीं हो चुका है। कहीं वह जायदाद ऐसे व्‍यक्‍ति की तो नहीं है जिसके आगे-पीछे कोई नहीं था।

सस्‍ते के कारण हम इस प्रकार की जमीन-जायदाद खरीद तो लेते है परन्‍तु बाद में ऐसी बाधा उत्‍पन करने वाली जायदाद जान की दुश्‍मन बन जाती है। क्‍योंकि ऐसी जायदाद खरीदने के तुरंत बाद दुखद घटनाएं घटनी शुरू हो जाती है। व्‍यापार में घाटा शुरू हो जाता है, नौकरी में कठिनाईयॉं शुरू हो जाती है, परिवार से दूर स्‍थानांतरण हो जाता है। गंभीर बिमारी लग जाती है। इसलिए किसी विद्वान की सलाह के बाद ही अंतिम निर्णय लें।

ये समस्‍याएं प्रत्‍येक व्‍यक्‍ति की जन्‍मकुंडली के अनुसार बदलती रहती है क्‍योंकि एक प्‍लाट या मकान यदि किसी एक व्‍यक्‍ति के लिए अशुभ है यह आवश्‍यक नहीं कि वो दूसरों के लिए भी अशुभ हो। यदि आप किसी ऐसी अशुभ जायदाद को खरीद चुके है तो उसका उपाय भी किया जा सकता है जोकि आपकी जन्‍मकुंडली के अनुसार ही होगा।  किसी भी प्रकार के प्रश्न, समस्या या समाधान के लिए नीचे दिए गए फॉर्म में विस्तार से अपनी समस्या लिखकर भेजें, यदि ईश्वर की कृपा हुई तो अवश्य ही समाधान दिया जाएगा।

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