Ankh Fadakna – आँख क्यों फडकती है

Published by Ashok Prajapati on

आँखों का फड़कना या आँखें फड़कना

आँखें क्यों फडकती हैं इस विषय पर हम पहले भी लिख चुके हैं शोध में एक नयी बात सामने आई है वह ये की आँख फडकने का सीधा सम्बन्ध मंगल से होता है

आँख फडकने का मंगल ग्रह से सम्बन्ध

जी हाँ मंगल रक्तवाहिनी का कारक ग्रह है नसों में दौड़ता रक्त मंगल के अधिकार क्षेत्र में आता है जब भी मंगल का राशि परिवर्तन होता है तो बहुत से लोगों को ये महसूस होता है

दरअसल मंगल अनिष्ट कारक ग्रह माना जाता है मंगल की तीन दृष्टियाँ होती हैं और चौथा मंगल का असर उस स्थान पर भी होता है जहाँ मंगल बैठा है कुंडली में गुरु, केतु और बारहवां घर पूर्वाभास का होता है

आँख फड़कना है किसी घटना का पूर्वाभास

जिन लोगों की कुंडली में बारहवें घर में इन में से कोई एक ग्रह बैठा है तो पूर्वाभास होता है और यह शक्ति तब और अधिक जाग्रत हो जाती है जब कोई विशेष घटना होने वाली हो

आँख फडकना शुभ और अशुभ

ऐसा नहीं है की मंगल केवल अनिष्ट करने वाला है तभी आँख फडकती है मंगल की शुभ स्थिति और कुंडली में पूर्वाभास का संकेत देने वाले ग्रहों के होने से भी स्वप्न के माध्यम से, अंगों के फड़कने से या किसी शकुन के माध्यम से आपको पूर्वाभास हो जाएगा

आँख फड़कने का फल कब मिलता है

दायीं आँख फडके या बायीं आँख फडके जिस दिन आँख फड़कना बंद होगी उसके पश्चात आँख फड़कने का फल मिलता है यदि मंगल राशि परिवर्तन करता है तो राशी परिवर्तन के कुछ दिन पहले आँख फड़कना शुरू होगी जो राशि परिवर्तन के एक या दो दिन बाद तक जारी रहेगी उसके पश्चात मंगल का फल तब तक काफी अधिक होता है जब तक मंगल की दस डिग्री पूरी नहीं हो जाती


Ashok Prajapati

Ashok Prajapati is India, Ambala based dedicated astrologer serving people from last 25 years. Hi believe in practical astrology which comes from experience. He believes in Hindu Mantras & blessing people who have faith. His mission is to share maximum knowledge he learn from people's life and help the poor and helpless people.

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