बगलामुखी मन्त्र अनुष्ठान से पहले

Published by Ashok Prajapati on

Baglamukhi Mantra

ॐ ह्ल्री बगलामुखी सर्व दुश्तानाम वाचं मुखम पदम् स्तम्भय स्तम्भय |

जिव्हां कीलय कीलय बुद्धिम विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा ||

माँ बगलामुखी का यह मन्त्र एक अमोघ अस्त्र है जिसे प्रयोग करने के पश्चात् आपका जीवन शत्रु बाधा से मुक्त हो सकता है | निस्संदेह इस मन्त्र से आपके शत्रु का स्तम्भन हो जाएगा परन्तु बगलामुखी मन्त्र के साधक को उचित अनुचित का ज्ञान होना परमावश्यक है | इस मन्त्र को प्रयोग करने के लिए केवल नियमों का ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है अपितु पात्र कुपात्र का ध्यान भी रखना पड़ता है | छोटी बड़ी किताबों और इन्टरनेट आदि के माध्यम से इस मन्त्र को आज हर व्यक्ति जान गया है परन्तु गुरु के मुख से मिले हुए मन्त्र में और सुने सुनाये ज्ञान में अंतर होता है | गुरु का आदेश है कि अच्छी तरह से जांच परख कर ही किसी व्यक्ति को यह मन्त्र दिया जाना चाहिए |

इस वेबसाइट पर बगलामुखी मन्त्र का वर्णन केवल पाठकों की ज्ञान वृद्धि के लिए दिया गया है | यदि मैंने यह मन्त्र किसी व्यक्ति को दिया है तो केवल उसकी कहानी पर विशवास करके नहीं अपितु मैंने स्वयं अनुभव किया है कि अमुक व्यक्ति को इस मन्त्र की आवश्यकता है | यदि कोई साधक इस विद्या का गुप्त मार्ग किसी कुपात्र को बतलाता है तो वह व्यक्ति तो कुपात्र होते हुए भी रक्षित हो जाएगा परन्तु उसके द्वारा किसी निर्दोष को हानि पहुँचने पर पाप का भागी उस साधक को सबसे पहले हानि पहुंचाएगा |

इस मन्त्र का दुरूपयोग होते मैंने स्वयं देखा है | इसके बाद होने वाले प्रभाव को भी मैं अनुभव कर चुका हूँ | आधुनिक युग में समय किसी के पास नहीं है | छोटे से लेकर बड़ा व्यक्ति सब व्यस्त हैं | इस व्यस्तता के चलते एक व्यक्ति ने किसी ब्राह्मण को बुलाकर बगलामुखी मन्त्र का एक लाख जप करने को कहा | ब्राह्मण मान गया और अकेले ही उसने ५ दिनों में उस व्यक्ति को विशवास दिलाया कि जप तो पूरा हो चुका है अब आपका काम हो जाएगा |

अगले ही दिन यजमान को पता चला कि उसने जिस शत्रु का स्तम्भन करने के लिए अनुष्ठान किया था उसने पुलिस में उसके खिलाफ रिपोर्ट लिखाई है तो यजमान को जाना पड़ा और काफी परेशानी से दिन गुजरने लगे | अब शत्रु उस पर हावी था | बाद में निष्कर्ष यह निकला कि उनके झगडे का समझौता तो हो जायेगा परन्तु हर तरह बेचारे यजमान को मुह की खानी पड़ी |

इसमें माँ बगलामुखी का क्या दोष ? क्या कोई एक व्यक्ति पांच दिन में माँ बगलामुखी के मन्त्रों का सवा लाख जप कर सकता है ? मुझे स्वयं इस मन्त्र की एक माला करने में १० मिनट लगते हैं | यदि मैं एक घंटा रोज लगाता हूँ तो दस मिनट के १०८ और ६० मिनट के ६४८ मन्त्र होते हैं | इस हिसाब से यदि रोज मैं दो घंटे का जप भी करता हूँ तो १२९६ हुए | पांच दिन में ६४८० मन्त्र यदि मैं पूरी शक्ति लगाकर करता हूँ तो अधिक से अधिक ५०० मन्त्रों का अंतर पड़ता है | और फिर प्रश्न उठता है कि कितने लोग इस अनुष्ठान को कितने दिन में पूरा करेंगे ? क्या वे सच बोलेंगे कि संख्या पूरी हुई या यजमान उनके मन्त्रों की गिनती करेगा | नाप तोल का प्रश्न ही नहीं उठता है | एक अवसर पर मैंने २१ ब्राह्मणों को यह अनुष्ठान ५ दिन में विधि विधान से पूरा करते हुए देखा है जिनका रोज का काम ही यही है | इसलिए ऐसा नहीं है कि बगलामुखी मन्त्र का अनुष्ठान विधिपूर्वक करने वाले व्यक्ति उपलब्ध नहीं हैं | अवश्य हैं और हमेशा रहेंगे परन्तु ये भी सच है कि ढोंगी और पैसे के पुजारी लोग भी आपको कदम कदम पर मिलेंगे |

निष्कर्ष यह है कि यदि आप बगलामुखी मन्त्र द्वारा अभीष्ट सिद्धि चाहते हैं तो यथासंभव स्वयं जप करें और हो सके तो गुरु के मुख से ही इस मन्त्र को ग्रहण करें |

|| जय माँ बगलामुखी ||

 

 

 


Ashok Prajapati

Ashok Prajapati is India, Ambala based dedicated astrologer serving people from last 25 years. Hi believe in practical astrology which comes from experience. He believes in Hindu Mantras & blessing people who have faith. His mission is to share maximum knowledge he learn from people's life and help the poor and helpless people.

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