Supernatural activities in life

Supernatural activities in life

People, whom call superstitions, when confronts, becomes a reality. This superstition has many types. Ghost, Goblin, Demon, Evil Spirit (Jinnat), Oopari Kasar/Oopri hawaa or Paranormal Activities. Articles written on this topic at Horoscope-India are entirely personal and has been provided only for our readers. Whatever you call this but truth is truth. We analyzed this truth according to astrology as per requested by our readers. I hope readers will like this article.

To enter inside from one body to another is a normal thing which sorcerer does as we all know. But when a dead body enters into an alive body and make him/her do abnormal things then people call it Evil Spirit. Spirit enters into one body only when his/her soul is weak. Incidents related to ghosts happen only to those people whose soul is weak.

 

Supernatural activities in life

What astrology says about Ghosts & Evil Spirits can be find out with Janam Kundli. For this first of all note the position of Sun in kundli which is doer of Soul. If sun is weak then person lacks self confidence. He fears without reason. He find it difficult to take big decisions. This does not summarize everything. Ketu is a kind of planet which has secret powers. Wherever ketu is sitting, it always creates chaos. Secret powers, oopari kasar, evil spirit (Jinn), are under Ketu. Ketu is mantra &  Ketu is Tantra. Ketu is that period of night where no ordinary person shows up. Ketu is that place which is isolated since years. Ketu is the rift in a wall & Ketu is the reason of that rift. Person affected with Ketu does not share his feelings with anybody. To please this type of person is very difficult.

Keeping all these things in mind if we focus at secret powers of Ketu then the mystery will unfold itself. If Ketu is in Lagna then there are chances of upari kasar on a person. And further in this situation if sun is weak then the person will surely be affected with ghosts/evil spirit. Whenever Ketu’s Antradasha or Mahadasha will come, Ketu will be in Gochar, in Lagna or in Saptam then & there this obstacle will turn in to an enormous trouble. If any auspicious/good planet effects will be there on ketu then it is curable otherwise time, money & power everything will go in vain.

If Ketu is in saptam rather than lagna then a person wife can be a victim of ghosts. With the presence of auspicious/good planets this affects can me minimize but cannot be eradicated at all. Person gets affected with bad look (Nazar dosh), gets sick often, spend too much on medicine, diseases bother again & again, a minor injury or minor sickness is all symptoms of Bad look/Nazar Lagana. It is not necessary that it will happen to all but whose planets are not good they should at least take care about this.

Perventions/How to avoid ?

There are some things which can save us from Ghosts, Evil Spirit, Goblin, Oopri hawaa etc.

If you have born in Lagna, Lagnesh, Rashish, Sun, Chandra & Navmash, any one out of these all, are sitting with Ketu or effected with Ketu and your Sun is also weak then you must avoid using scented/aromatic things. Avoid visiting that place where any premature death had happened. Light Guggal Dhoop everyday in your home. Give to dog a part of your meal. Don’t urinate on isolated place and don’t show your body to anybody.

Worship Hanumaan ji or if possible put a tilak of Sindoor from Hanumaan ji’s foot.  There are also other remedies which can be more effective but only after analyzing a person’s janam kundli.

लोग जिसे अंधविश्वास कहते हैं जब सामने आ जाए तो विश्वास में तब्दील हो जाता है | इस अंध विश्वास के कई रूप हैं | भूत प्रेत, जिन्नात, ऊपरी कसर, नजर झपट्टा या आधुनिक भाषा में Paranormal Activities. इस विषय पर Horoscope-India पर दिए गए सभी लेख निजी हैं और केवल पाठकों की जानकारी के लिए दिए जा रहे हैं |

बहरहाल आप इसे जो भी नाम दें सच तो हमेशा सच ही रहता है | कुछ लोगों के अनुरोध पर इस सच का विश्लेषण ज्योतिषीय दृष्टि से किया जा रहा है | मुझे उम्मीद है, पाठकों के स्वीकारणीय होगा |

एक शरीर से दूसरे शरीर में प्रवेश करना तांत्रिक क्रिया का एक मामूली सा अंग है जिसे सब जानते हैं | परंतु जब एक मृतात्मा किसी शरीर में प्रवेश करके उसपर असाधारण क्रियाएँ करने लगे तो उसे भूत बाधा कहा जाता है | भूत प्रेत का किसी शरीर में प्रवेश तब होता है जब सम्बंधित व्यक्ति की आत्मा कमजोर हो | आत्मा कमजोर होगी तभी किसी अन्य आत्मा उसमे प्रवेश कर पाएगी |

भूत प्रेत की घटनाएँ उनके जीवन में घटित होती हैं जिनकी आत्मा कमजोर हो |

भूत प्रेत के विषय में भारतीय ज्योतिष क्या कहता है इसका पता जन्मकुंडली से लगाया जा सकता है | इसके लिए सबसे पहले कुंडली में सूर्य की स्थिति देखें जो कि आत्मा का करक है | यदि सूर्य कमजोर है तो व्यक्ति में आत्मविश्वास की कमी रहती है | वह अकारण ही डरता रहता है | उसके लिए बड़े निर्णय लेना आसान नहीं होता | यहीं पर बात खत्म नहीं होती | केतु एक ऐसा ग्रह है जी गुप्त शक्तियों से सम्बन्ध रखता है | केतु जिस स्थान में भी बैठा हो वहाँ पर  कुछ न कुछ फसाद अवश्य करता है | गुप्त शक्तियां, ऊपरी कसर, जिन्न आदि इसी के अधीन रहते हैं | केतु मन्त्र है और केतु ही तंत्र है | केतु ही रात का वो प्रहर है जहाँ कोई सामान्य व्यक्ति नहीं दिखाई देता | केतु वह स्थान है जो बरसों से सुनसान पड़ा है | केतु दीवार में आई दरार है और केतु ही उस दरार का कारण है | केतु से प्रभावित व्यक्ति किसी से अपने दिल की बात नहीं कहता | ऐसे व्यक्ति को प्रसन्न करना प्रभावित करना बहुत कठिन होता है |

इन सभी बातों में यदि केतु के गुप्त शक्तियों पर अधिकार पर ध्यान दिया जाए तो अपने आप सब रहस्य खुलने लगते हैं | केतु यदि लग्न में हो तो व्यक्ति पर ऊपरी कसर का भय होता है | ऐसे में सूर्य कमजोर हो तो निस्संदेह व्यक्ति भूत प्रेत से ग्रस्त होगा | जब जब केतु की अंतर्दशा या महादशा आएगी, जब केतु गोचर में लग्न या सप्तम में होगा तब तब यह बाधा अपना विकराल रूप ले लेगी | यदि किसी शुभ ग्रह की दृष्टि उसपर हुई तो इलाज हो जायेगा अन्यथा समय, पैसा, शक्ति सबका हरण केतु कर लेता है |

यदि केतु लग्न में न होकर सप्तम में हो तो पत्नी को भूत प्रेत बाधा हो सकती है | शुभ ग्रहों की दृष्टि से यह असर कम हो सकता है परंतु खत्म होने की संभावना कम होती है |  ज्यादा नहीं तो व्यक्ति को नज़र अधिक लगती है या बीमार पड़ जाना, दवाइयों पर पैसे अधिक लगना, किसी न किसी बीमारी का बने रहना, लगातार चोट या कोई मामूली बीमारी ये सब लक्षण नज़र लगने के हैं | जरूरी नहीं कि यह सबको हो परंतु जिनके ऐसे ग्रह हैं उन्हें तो कम से कम ध्यान रखना ही चाहिए |

कैसे बचा जाए

प्रेत आत्मा, भूत पिशाच, जिन्न ओपरी हवा आदि से बचाव के लिए कुछ बातें हैं जो यदि ध्यान में रखी जाएँ तो बचा जा सकता है |

यदि आपका जन्म लग्न, लग्नेश, राशीश, सूर्य चंद्र और नवांश इनमे से कोई एक या अधिक केतु के साथ बैठे हैं, केतु से दृष्ट हैं और आपका सूर्य भी कमजोर है तो आपको यथासंभव सुगन्धित वस्तुओं के इस्तेमाल से बचना चाहिए | जहाँ किसी की अकाल मृत्यु हुई है वहाँ जाने से परहेज करें | गुग्गल की धूप प्रतिदिन घर में जलाएं | अपने भोजन में से कुछ हिस्सा कुत्ते को दें | सुनसान जगह पर पेशाब मत करें और अपना शरीर किसी को मत दिखाएँ |

हनुमान जी की उपासना करें और हो सके तो प्रतिदिन हनुमान जी के पैरों में से सिन्दूर लेकर माथे पर लगाएं |और भी अनेक ऐसे उपाय हैं जो जन्मकुंडली के निरीक्षण के बाद और भी कारगर सिद्ध हो सकते हैं |

आपके अनुभव

इस सम्बन्ध में कुछ निजी अनुभव भी प्रस्तुत हैं | कुछ पाठकों ने भेजे हैं और कुछ तो बहुचर्चित हैं | यह पोस्ट केवल रजिस्टर्ड सदस्यों के लिए है | कृपया यहाँ क्लिक करें |

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