Rise of destiny through Sunrise

सूर्योदय से भाग्योदय

सूर्य की पहली किरण के साथ संचार होता है आशा की नई किरण का प्रकाश हमारे जीवन में प्रतीक है खुशहाली का अंधेरा किसे अच्छा लगता है इस पोस्ट में मैं आपको सूर्य के महत्व के विषय में बताने जा रहा हूं जीवन का आधे से अधिक हिस्सा हम सोने में बिता देते हैं जबकि 7 घंटे की नींद काफी होती है यदि मुझे सही जानकारी है तो।

जब सूर्य उदय हो रहे होते हैं तो किसी दिन आप छत पर जाएं और सूर्य देव को निहारे आप खुद समझ जाएंगे कि मैं क्या कहना चाहता हूं मेरा तात्पर्य जीवन को एक नई दिशा देने से है जिसके बारे में आज तक आपने गंभीरता से नहीं सोचा।

सूर्य प्रतिनिधित्व करते हैं आत्मा का मनोबल का हमारे शरीर में जो उर्जा है जो शक्ति है वह सूर्य की कृपा से है हम जो आत्मविश्वास धारण करते हैं उसे सूर्य निर्धारित करते हैं हम जो दृढ़ संकल्प लेते हैं उसकी दृढ़ता सूर्य पर निर्भर करती है हमारी इच्छा शक्ति यह सब सूर्य है यदि सूर्य जन्म कुंडली में कमजोर है तो आप उपरोक्त सभी स्थितियों में अपने आप को निरबल महसूस करेंगे।

सूर्य और चंद्र नेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं इसलिए सूर्य और चंद्र दोनों का जीवन में वही स्थान है जो हमारे जीवन में हमारी आंखों का है यानी सूर्य दृष्टि देते हैं दिन में देखने की शक्ति सूर्य और रात में देखने की शक्ति चंद्रमा प्रदान करते हैं। परंतु मैं एक और दृष्टि की बात कर रहा हूं वह है दूरदृष्टी यानी दूरदर्शिता जिसके बूढ़े व्यक्ति जीवन में सफलता प्राप्त करता है यकीन मानिए यदि आप दूरदर्शी हैं यदि आप अपने कार्यों को भविष्य की कल्पना करते हुए संचालित करते हैं यदि आप पहले से अनुमान लगा लेते हैं कि मुझे भविष्य में कब क्या करना है तो इस दूरदर्शिता के परिणाम स्वरुप आप जीवन में ऊंचाइयों को छूते हैं।
जो दिखता है उस से परे देखने की क्षमता सूर्य प्रदान करते हैं।

हम अपने आसपास की बात करते हैं जैसे कि यदि आप कहीं नौकरी करते हैं तो जो सर्वोच्च शिखर पर बैठा अफसर है यह सबसे उच्च पद पर आसीन व्यक्ति है उसे देखिए आप उससे मिलेंगे तो आपको कई विशेष गुण उस व्यक्ति में दिखाई देंगे यही कारण है वह उस पगली पर बैठा है यह सूर्य की स्थिति है यही सूर्य की कृपा है

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तो यदि हमें तरक्की करनी है यदि हमें दूरदर्शिता और समझदारी से काम करते हुए सम्मान और यश प्राप्त करना है तो सूर्य की कृपा प्राप्त करनी होगी।

सूर्य की कृपा प्राप्त करने के लिए सबसे पहले आलस्य का त्याग करना होगा मैंने देखा है लोगों को सूर्य को अर्ध्य देते हुए करना वही है लेकिन सही ढंग से।

सर्वप्रथम देखिए कि आपके शहर में सूर्य उदय कब होता है।

आपको सूर्य उदय से कम से कम इतना पहले उठना है कि आप आराम से नहा सकें और सूर्य के सामने खड़े होकर सूर्य उदय की प्रतीक्षा करें।

उगते हुए सूर्य को देखें और प्रणाम करें इस दौरान किसी विशेष मंत्र की आवश्यकता नहीं है केवल अपनी भाषा में भी आप सूर्य देव का अभिनंदन कर सकते हैं।

फिर एक तांबे के पात्र में जल जो शुद्ध हो ताजा हो जूठा ना हो इस तरह से अपने माथे से ऊपर सीधे हाथ करके नीचे गिराएं कि गिरते हुए जल के बीच में से आप लाल रंग के सूर्य की रश्मियों को देखें।

सूर्य की इन्हीं लाल रश्मियों की आपको आवश्यकता है यही लाल किरणें आत्मविश्वास दूरदर्शिता मनोबल मान यश और उच्च पद प्रदान करने में सक्षम है।

जो लोग 7:00 या 8:00 बजे सूर्य को जल देते हैं वे केवल सूर्य देव का अपमान ही नहीं अपितु अपना भी नुकसान कर रहे हैं क्योंकि उस समय सूर्य की रश्मियां सूर्य की किरणें इतनी तीव्र होती हैं जिससे आंख के कॉर्निया को भी नुकसान पहुंच सकता है कुछ लोग तो जब उठेंगे नहाएंगे धोएंगे यानी 10-11 बजे सूर्य को जल देते हैं ऐसा मैंने देखा है यह सरासर गलत है।

सूर्य को जल देने का सही समय केवल सूर्य उदय है जिस समय सूर्य लाल रंग के हैं और उन्हें आंखों से देखा जा सके।

अब बात आती है यह कितने दिन करना है कुछ लोग यह अवश्य सोचेंगे क्योंकि आलस्य इतनी आसानी से पीछा नहीं छोड़ता कितने दिन तक सुबह जल्दी उठना पड़ेगा। और इसका उत्तर है आप प्रयास कीजिए और शुरुआत कीजिए केवल 21 दिनों में आप अपना जीवन बदलते हुए देखेंगे और फिर आपके मन में यह प्रश्न ही नहीं उठेगा क्योंकि यदि निरंतर प्रगति करते रहना है तो सूर्य को जल देना जारी रखना होगा और यदि आप यह सब केवल आजमा कर देखना चाहते हैं तो वह भी कर लीजिए।

2 महीने के बाद आपको नौकरी में परेशानी देखने को नहीं मिलेगी तीन से चार महीनों में आपको तरक्की करने के शुभ अवसर मिलने आरंभ हो जाएंगे और 6 महीने के भीतर आप अच्छे पद पर काम कर रहे होंगे।

सूर्य को जल देते रहने से मान प्रतिष्ठा उत्पाद आत्मविश्वास मनोबल आदि सब कुछ मिलता है इसके अतिरिक्त जो लोग आसानी से भूत प्रेत या ऊपरी कसर की चपेट में आ जाते हैं उन्हें बहुत लाभ होगा।

यदि किसी कारण से आप लेट उठते हैं या उठा ही नहीं जाता तो अपने सोने की दिशा को बदलें इस तरह सोने की जब सूर्य उदय हो तो आप उठे और आपके सामने सूर्य उदय हो रहे हो इसका एक और उपाय यह है कि अपने कमरे में सूर्य उदय का चित्र लगाएं और ध्यान रहे सूर्य उदय का चित्र होना चाहिए शाम का नहीं यह सुनिश्चित अवश्य कर लें।

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