रत्नों के बारे में सोच और सच

रत्नों के बारे में सोच और सच

आजकल रत्न रुद्राक्ष हर किसी को पहने देखा जा सकता है कई लोग नग नगीने केवल शौक के लिए पहनते हैं तो कुछ फैशन के लिए परन्तु ज्यादातर लोग नग नगीने रत्न आदि ज्योतिषियों के कहने पर पहनते हैं  मेरे विचार में रत्न पहनने से पहले यह जांच लेना चाहिए कि कौन सा एक ही रत्न आपके लिए सर्वाधिक काम करेगा

कुछ लोग बहुत से रत्न हाथों में धारण किये रहते हैं यहाँ देखने वाली बात ये है की रत्न तो उन्होंने पहन लिया परन्तु उसका लाभ हो रहा है या हानि यह तक कई लोगों को पता नहीं होता  एक बात जो मैंने रत्नों में अपने अनुभव से देखी है वह ये है कि महंगा हो या सस्ता, बड़ा हो या छोटा, पुराना हो या नया रत्न अपना प्रभाव अवश्य दिखाता है

रत्नों से सम्बंधित कुछ बातें इस प्रकार हैं :-

  • रत्न टूट जाए तो उसे निकाल दें तथा किसी योग्य ज्योतिषी से सलाह ले लें कि यह रत्न अब पहनना है या नहीं  होता यह है कि जब किसी रत्न का काम ख़त्म हो जाता है तो या तो वह टूट जाता है या गुम  हो जाता है परन्तु कई रत्न का समय या दशा अन्तर्दशा के समाप्त होने पर भी रत्न नष्ट हो जाता है या फिर कुछ रत्न मुसीबत को अपने ऊपर ले लेते हैं और टूट कर अपने पहनने वाले की रक्षा करते हैं अत: ज्योतिषी से पूछकर रत्न फिर से पहन लें
  • कैसा भी रत्न हो इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि उसे कौन सी उंगली में पहन रखा है
  • दो ग्रह साथ बैठे हों तो रत्न भी उसी के अनुसार पहनना चाहिए जैसे शनि और बुध साथ बैठे हैं तो पन्ना शनि की उंगली यानी बड़ी उंगली में पहनने पर अधिक फायदा देगा  नीचे मैं हर रत्न से सम्बंधित ग्रह और उंगली जिसमे वह पहनना चाहिए संक्षेप में बता रहा हूँ I
  • मानिक सूर्य का रत्न है इसे अनामिका यानी Ring Finger में पहनना चाहिए I मूंगा मंगल का रत्न है इसे भी अनामिका में पहनना चाहिए I मोती यानी पर्ल को कनिष्ठिका यानी सबसे छोटी उंगली में पहना जाता है पन्ना यानी Emerald को भी सबसे छोटी उंगली में या मध्यमा यानी बड़ी उंगली में पहनना चाहिए I पुखराज यानी Yellow Sapphire को हमेशा Index Finger यानी तर्जनी उंगली में पहनना चाहिए I हीरा यानी Diamond को कनिष्ठिका,अनामिका या मध्यमा उंगली में पहन सकते है I नीलम यानी Blue Sapphire को किसी भी उंगली में पहना जा सकता है
  • मूंगा एक ऐसा रत्न है जो रंग बदल कर आने वाले खतरे के प्रति सचेत कर देता है परन्तु तिकोने मूंगे में ही यह गुण होता है यह रंग खतरा जाने के बाद अपने वास्तविक रूप में आ जाता है
  • जिन लोगों को बहुत ज्यादा यात्रा करनी पड़ती है या जो अधिकतर कार स्कूटर या अन्य वाहन से ही यात्रा करते रहते हैं उन्हें गोमेद पहनना चाहिए परन्तु सावधान बिना परीक्षा किये गोमेद कभी मत पहनें इस रत्न का दुष्प्रभाव तुरंत हो सकता है
  • किसी भी रत्न को परखने के लिए आप उसे अपनी बाजू पर किसी कपडे की सहायता से बाँध लें इसके लिए यह आवश्यक है कि वह रत्न आपकी त्वचा को स्पर्श करता रहे किसी चिपकने वाली टेप से पहले उसे चिपका लें उसके बाद उस पर कपडा या पट्टी बाँध कर ३-४ दिन तक देखें उसका आप पर क्या प्रभाव पड़ता है अगर आपको गुस्सा अधिक आने लगे, ठोकर लगने लगे, कोई चीज़ आपके हाथों से छूट जाए, कोई काम बनने में रुकावट आने लगे या रात को डरावने सपने आने लगें तो वह रत्न आपको उतार देना चाहिए
  • पन्ना पहनने से बुद्धि का विकास होता है यह salesman और विद्यार्थियों के लिए अत्यधिक लाभकारी होता है
  • पुखराज वैसे तो स्त्रियों को अधिक फायदा देता है परन्तु जिन लोगों कि नौकरी चली जाए या तबादला हो जाए, पीलिया हो जाए, सोना खो जाए, मोटापा आने लगे तो पुखराज पहनना ठीक रहता है

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