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Love affairs & Rahu

प्रेम सम्बन्ध और राहू

अधिकांश लोग नहीं जानते कि प्रेम सम्बन्ध ज्योतिष के गणित से कैसे बनते हैं | लोग कहते हैं की शुक्र का स्वराशी में होना, बारहवें भाव का बलवान होना या शुक्र से सम्बन्ध होना पंचम भाव का बलवान होना ही काफी है | परन्तु सच्चाई कुछ और है |

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Astrology में पिछले कुछ वर्षों के शोध से पता चला है की राहू प्रेम संबंधों को पनपने के लिए उत्तरदायी होता है | प्रेम सम्बन्ध भी ऐसे जिनमे दोनों समाज से नजरें बचाकर एक दुसरे से मिलते हैं उनके लिए राहू उत्तरदायी होता है | कैसे आइये जानते हैं |

राहू रहस्य का कारक ग्रह है और तमाम रहस्य की परतें राहू की ही दें होती हैं | राहू वह झूठ है जो बहुत लुभावना लगता है | राहू झूठ का वह रूप है जो झूठ होते हुए भी सच जैसे प्रतीत होता है | राहू कम से कम सत्य तो कभी नहीं है | जो प्रेम सम्बन्ध असत्य की डोर से बंधे होते हैं या जो सम्बन्ध दिखावे के लिए होते हैं वे राहू के ही बनावटी सत्य हैं | राहू व्यक्ति को झूठ बोलना सिखाता है | बातें छिपाना, बात बदलना, किसी के विशवास को सफलता पूर्वक जीतने की कला राहू के अलावा कोई और ग्रह नहीं दे सकता |

राहू एकतरफ़ा प्रेम का वह रूप है जिसमे व्यक्ति कभी अपने प्यार के सामने नहीं आता और फिर भी चुपचाप सब कुछ देखता रह जाता है | क्यों ? क्योंकि परिस्थितियां, ग्रह गोचर अनुकूल नहीं हैं बलवान नहीं हैं | राहू वह लालच है जिसमे व्यक्ति को कुछ अच्छा बुरा दिखाई नहीं देता केवल अपना स्वार्थ ही दिखाई देता है |

क्यों न हों ताकतवर राहू के लोग सफल? क्यों बुरे लोग तरक्की जल्दी कर लेते हैं | क्यों झूठ का बोलबाला अधिक होता है और क्यों दिखावे में इतनी जान होती है ? क्योंकि इन सबके पीछे राहू की ताकत रहती है |

मांस मदिरा का सेवन, बुरी लत, चालाकी और क्रूरता, अचानक आने वाला गुस्सा, पीठ पीछे की वो बुराई जो काम करे ये सब राहू की विशेषताएं हैं | राहू के बारे में मैंने पिछले ४ सालों में जितना पढ़ा देखा और जांचा वह भी अभी कुछ नहीं क्योंकि असलियत को सामने न आने देना ही राहू की खासियत है और हर तरह के झूठ का पर्दाफाश करना केतु का धर्म है |

केतु ही है जो संबंधों में दरार डालता है क्योंकि केतु ही दरार है | घर की दीवार में यदि दरार आ जाए तो समझ लीजिये की यह केतु का बुरा प्रभाव है और यदि संबंधों में भी एक दरार आ जाए घर का बटवारा हो जाए या रिश्तों की परिभाषा बदल जाए तो यह केतु का काम समझें |

किसी की भी कुंडली का अध्ययन करते समय मैं राहू पर अधिक ध्यान देता हूँ क्योंकि इस ग्रह का कुछ पता नहीं कि कब बदल जाए जैसे कि आप कल कुछ काम करने वाले हैं लेकिन समय आने पर आपका मन बदल जाए और आप कुछ और करने लगें तो इस दुविधा में राहू का हाथ होता है | किसी भी प्रकार की अप्र्याशित घटना का दावेदार राहू ही होता है | आप खुद नहीं जानते की आप आने वाले कुछ घंटों में क्या करने वाले हैं या कहाँ जाने वाले हैं तो इसमें निस्संदेह राहू का आपसे कुछ नाता है | या तो राहू लग्नेश के साथ है या लग्न में ही राहू है | यदि आप जानते हैं की आप झूठ की राह पर हैं परन्तु आपको लगता है की आप सही कर रहे हैं तो यह धारणा आपको देने वाला राहू ही है |

किसी को धोखा देने की प्रवृत्ति राहू पैदा करता है यदि आप पकडे जाएँ तो इसमें भी आपके राहू का दोष है क्योंकि वह आपकी कुंडली में आपके भाग्य में निर्बल है और यह स्थिति बार बार होगी इसलिए राहू का अनुसरण करना बंद करें क्योंकि यह जब बोलता है तो कुछ और सुनाई नहीं देता | जिस तरह कर्ण पिशाचिनी आपको गुप्त बातों की जानकारी देती है उसी तरह यदि राहू आपकी कुंडली में बलवान होगा तो आपको सभी तरह की गुप्त बातें बैठे बिठाए ही पता चल जायेंगी | यदि आपको लगता है की सब कुछ गुप्त है और आपसे कुछ छुपाया जा रहा है या आपके पीठ पीछे बोलने वाले लोग बहुत अधिक हैं तो यह भी राहू की ही करामात है |

क्या करें और कैसे बचें राहू के आक्रमण से ?

अनेक तरीके है राहू और राहू के प्रभाव से बचने के | आवश्यकता है केवल एहसास की और स्मृति की | जब लगे की आपके साथ भी ऐसा ही कुछ है तो राहू कुंडली में स्थिति देखिये | लग्न में, पंचम में या नवम भाव में बैठा राहू अक्सर शरारत करता है |

सावधान हो जाइए जब सपने में राहू सांप बनकर दिखाई दे | क्योंकि यह एक निर्देश है की संभल जाइए राहू का अगला निशाना आप पर है | यदि आपने सपने में सांप को कुचल दिया या मार दिया है तो यह संकेत है कि आने वाली समस्या से छुटकारा जल्दी ही मिल जाएगा |

गोमेद पहना जा सकता है परन्तु इसका वजन महत्वपूर्ण होगा क्योंकि आपका राहू यदि बहुत कमजोर है तो ६ रत्ती का गोमेद कुछ समय बाद टूट जाएगा या गुम हो जाएगा | ऐसा भी नहीं है कि ११ रत्ती का गोमेद पहन लेने से आपका राहू असाधारण रूप से बलवान हो जाएगा | आसुरी शक्तियां भी बलवान हो सकती हैं | अधिक बलवान होने पर राहू फायदे के साथ साथ कुछ नुक्सान भी लेकर आता है जिसका पता बहुत देर में चलता है | इसलिए राहू रत्न को भी मामूली समझ कर मत पहनिए | जितने बल की आवश्यकता है उतना ही रत्न धारण कीजिये |

किसी किसी को मैंने केवल तीन रत्ती का गोमेद पहनने का परामर्श दिया है जिसे किताबों में निष्फल कहा गया है | यह तो मेरा अपना अनुभव है जिसे मैं ज्यों का त्यों अपने पाठकों के सुपुर्द कर देता हूँ |

और भी कुछ उपाय हैं जो कुंडली के हिसाब से ही कहे जा सकते हैं जिनमे कई बातों पर गौर करना होता है |

आशा है कि मेरे लिखे शब्द आपको कम से कम सावधान तो अवश्य कर देंगे |

जय श्री राम |

अधिकांश लोग नहीं जानते कि प्रेम सम्बन्ध ज्योतिष के गणित से कैसे बनते हैं | लोग कहते हैं की शुक्र का स्वराशी में होना, बारहवें भाव का बलवान होना या शुक्र से सम्बन्ध होना पंचम भाव का बलवान होना ही काफी है | परन्तु सच्चाई कुछ और है | Download this Article In PDF Astrology में पिछले कुछ वर्षों के शोध से पता चला है की राहू प्रेम संबंधों को पनपने के लिए उत्तरदायी होता है | प्रेम सम्बन्ध भी ऐसे जिनमे दोनों समाज से नजरें बचाकर एक दुसरे से मिलते हैं उनके लिए राहू उत्तरदायी होता है | कैसे…

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3 comments

  1. When would I get govt job
    Date : 22/02/1991
    Time : 07:00 am
    Place : Bhopal (m.p)

  2. CAN I GET GOVERMENT JOB? IF NOT THEN CAN I SUCESSFUL FOR GETING COMFORT AND LUXIRIOUS LIFE IN PRIVATE SECTOR JOB? PLZ HELP ME
    MY DOB IS 16-12-1988
    PLACE- NAGPUR (MAHARASHTRA)
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    THANKING YOU

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