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मृत्यु के लक्षण

मृत्यु शब्द को सुनने के पश्चात थोड़ा डर उत्पन्न होना स्वाभाविक है कुछ लोग मृत्यु के भय से हर वक्त चिंतित रहते हैं यह सच है कि मृत्यु को हमेशा याद रखना चाहिए परंतु इस लेख में मैं जो आपको बताने जा रहा हूं वह मृत्यु होने से पूर्व मिलने वाली एक पूर्व सूचना के संबंध में है आप लोग इससे सहमत या असहमत हो सकते हैं।

जब हमारे आसपास किसी व्यक्ति की आयु पूरी हो जाती है या वह मृत्यु के समीप होता है तो कुदरत इसकी पूर्व सूचना अवश्य देती है आवश्यकता है इसे समझने की।

स्वप्न से मृत्यु का पूर्वाभास

सफेद रंग को हिंदुओं में शोक का प्रतीक माना जाता है तथा काले रंग को मुस्लिम शोक का प्रतीक मानते हैं। यदि आपको अपना कोई निकट संबंधी श्वेत वस्त्रों में नजर आए तो यह होने वाली मृत्यु का लक्षण है।
मृत्यु के देवता यम हैं और उनकी सवारी है सांड जब भी स्वप्न में यम की सवारी दिखाई दे तो यह किसी न किसी की मृत्यु के समाचार की पूर्व सूचना है।
यदि आप स्वयं को यम की सवारी द्वारा आक्रमण करते हुए पाए तो यह आपकी आयु को क्षीण कर देने वाला लक्षण है।
जबकि यह सवारी यदि पास से निकल जाए तो निकट संबंधी की मृत्यु का संकेत है।
यदि सांड अत्यंत गुस्से में दिखाई दे तो निकट संबंधी की मृत्यु को दर्शाता है और यदि सांड शांत दिखाई दे तो यह किसी ऐसे व्यक्ति की मृत्यु को दर्शाता है जिससे आपका कोई निकट संबंध नहीं है।
सांड यम की सवारी है परंतु यह मृत्यु है इतना तो स्पष्ट है परंतु यदि सांड बूढा दिखाई दे तो यह किसी वृद्ध व्यक्ति की मृत्यु को दर्शाता है और यदि सांड जवान दिखाई दे तो यह किसी जवान व्यक्ति की मृत्यु को दर्शाता है।

वास्तविक जीवन में मृत्यु के लक्षण

बिल्लियों की लड़ाई या बिल्लियों के रोने की आवाजें रात को सुनाई देना अशुभ माना जाता है परंतु यह महज एक इत्तेफाक भी हो सकता है फिर भी अलग-अलग स्थानों पर अलग अलग लोगों को यह लक्षण दिखाई दें तो उन लोगों के किसी संबंधी के विषय में यह पूर्वाभास हो सकता है इस बात के संबंध में मेरा स्वयं का कोई ठोस अनुभव नहीं है परंतु बिल्लियों का रोना अशुभ अवश्य होता है।
कुछ लोगों को मृत्यु होने से पहले मन में विचित्र सा डर और बेचैनी होना शुरू हो जाती है जो काफी दिन तक चलती है।
किसी पुरुष की बाई आंख का फड़कना यदि बहुत दिन तक जारी रहे या फिर बाईं आंख के आसपास कुछ हलचल हो और करीब करीब 1 महीने तक जारी रहे तो यह अशुभ समाचार किसी निकट संबंधी की मृत्यु के विषय में हो सकता है।
मैंने ऐसा भी सुना है कि यदि कोई व्यक्ति सोते समय ऐसा लगे जैसे मृत है तो यह उस व्यक्ति के आस पास मंडरा रही मृत्यु का ही संकेत है।

साढ़ेसाती क मृत्यु से संबंध

जब साढेसाती किसी के जीवन में आती है तो उसके प्रथम या अंतिम चरण में शनि का प्रभाव परिवार पर होता है और शनि मृत्यु का कारक ग्रह माना जाता है इसलिए साढेसाती में किसी निकट संबंधी की मृत्यु होती देखी गई है।
निष्कर्ष
मृत्यु जीवन का अंतिम सत्य है इसलिए घबराने की आवश्यकता नहीं है यह मेरे निजी विचार हैं जो मेरे जीवन में कुछ लोगों की मृत्यु के समय प्रकट हो चुके हैं किसी ना किसी रूप में पूर्वाभास के माध्यम से मृत्यु की पूर्व सूचना मिल जाना एक डरावना अनुभव हो सकता है परंतु गीता कब पठन तथा श्रवण ऐसे समय में यदि किया जाए तो आपको एक बात समझ में अवश्य आ जाएगी कि वास्तव में मृत्यु का अर्थ एक नया जन्म है।
मृत्यु शब्द को सुनने के पश्चात थोड़ा डर उत्पन्न होना स्वाभाविक है कुछ लोग मृत्यु के भय से हर वक्त चिंतित रहते हैं यह सच है कि मृत्यु को हमेशा याद रखना चाहिए परंतु इस लेख में मैं जो आपको बताने जा रहा हूं वह मृत्यु होने से पूर्व मिलने वाली एक पूर्व सूचना के संबंध में है आप लोग इससे सहमत या असहमत हो सकते हैं। जब हमारे आसपास किसी व्यक्ति की आयु पूरी हो जाती है या वह मृत्यु के समीप होता है तो कुदरत इसकी पूर्व सूचना अवश्य देती है आवश्यकता है इसे समझने की। स्वप्न से…

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