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Horoscope o a Doctor

डाक्टर बनने का योग

एक डॉक्टर बनने के लिए जरूरत होती है तकनीक और धैर्य की | यदि बचपन से ही आपका सपना है कि डॉक्टर ही बनना है तो इसके पीछे बड़ी वजह हो सकती है और जो लोग ठान लेते हैं वह अवश्य किसी ना किसी लक्ष्य को प्राप्त कर ही लेते हैं परंतु यदि आपके मन में दुविधा है कि आप एक डॉक्टर बन पाएंगे तो प्रस्तुत है ज्योतिष के कुछ ऐसे नियम जो व्यक्ति को डॉक्टर बनाते हैं |

सबसे पहले देखना होगा कि डॉक्टर भी कई प्रकार के होते हैं डॉक्टर की श्रेणी में सर्जन सबसे पहले आता है फिर आंखों के डॉक्टर होते हैं दिमाग का डॉक्टर या मनोचिकित्सक यहां तक कि हर अंग के लिए एक स्पेशलिस्ट होता है आप किस श्रेणी में जाना चाहेंगे

छोटे मोटे डॉक्टर से लेकर नींद हकीम वैध या हड्डी के स्पेशलिस्ट यह सब डॉक्टर की श्रेणी में आते हैं परंतु जो भी है उसके लिए एक विशेष ग्रह स्थिति है जिसका जन्म कुंडली में होना आवश्यक है |

एक सफल सर्जन चीरफाड़ के डॉक्टर की जन्म कुंडली में पांचवा घर जो कि पढ़ाई से संबंधित होता है मंगल और शनि से युक्त होना चाहिए इसके अतिरिक्त चंद्रमा जो मन का कारक है काफी बलवान होना चाहिए तभी इतना धैर्य और तकनीकी सूज भुज व्यक्ति में होगी |

यदि जन्म लग्न में पांचवा घर दसवां घर मंगल शनि से संबंधित नहीं है तो द्रेष्काण चक्र में अवश्य ही चंद्र मंगल और शनि का योग बता देगा कि व्यक्ति एक सफल सर्जन बन सकता है या नहीं |

एक मनोचिकित्सक यानी दिमाग के डॉक्टर के लिए ना केवल मंगल शनि का योग प्रबल होना चाहिए बल्कि चंद्रमा का षोडशवर्ग में अधिकांश वर्गों में उच्च राशि या स्वराशि में होना आवश्यक है यदि चंद्रमा कमजोर अस्त दुर्बल है तो मनोचिकित्सक के रूप में व्यक्ति अधिक सफलता नहीं कर पाएगा
बेहद संजीदगी के साथ मन का बलवान होना बिना चंद्रमा के संभव नहीं है इसलिए चंद्रमा मनोज चिकित्सक बनने के लिए अवश्य ही बलवान होना चाहिए |

आंखों के डॉक्टर की कुंडली में सूर्य और चंद्रमा जो आंखों के कारक हैं दसवें घर के स्वामी के साथ संबंध रखते हैं यह संबंध प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जन्म लग्न में हो सकता है यदि ना हो तो द्रेष्काण चक्र में अवश्य ही सूर्य चंद्रमा का संबंध मंगल और शनि से संबंध रखकर यह योग बनाता है
तो यदि आंखों के डॉक्टर बनने जा रहे हैं उसके लिए जो ग्रह स्थिति आवश्यक है उसमें सूर्य चंद्रमा मित्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं और मंगल शनि तकनीकी रुप से जातक को दक्ष बनाते हैं

मंगल और शनि का उल्लेख हमने इसलिए किया है क्योंकि एक डॉक्टर बनने के लिए मंगल और शनि का योग होना आवश्यक है यही दो ग्रह है जो व्यक्ति को एक सफल डॉक्टर बनने की योग्यता देते हैं क्योंकि शनि तकनीक से संबंध रखता है और मंगल चीर फाड़ यानी सर्जरी इन दोनों का मिलन यदी कार्यस्थान यानि दसवा घर या उसके स्वामी के साथ हो जाए और किसी तरह से पांचवी घर या पांचवे घर का स्वामी इन दोनों ग्रहों से संबंध रखता हो तो जातक को एक डॉक्टर बनाने के लिए काफी है

अब हम आपको बताते हैं कि एक सामान्य इलाज करने वाला डॉक्टर हकीम या वैद्य बनने के लिए क्या ग्रहस्थिति होनी चाहिए

मंगल शनि इन दोनों ग्रहों का संबंध लग्न का लग्नेश से जितना गहरा होगा उतनी ही दिलचस्पी है जातक इस क्षेत्र में दिखाएगा और अंततः उसकी यही दिलचस्पी उसे एक छोटा-मोटा डॉक्टर नीम हकीम वैध या या फिर एक सफल चिकित्सक बना देगी

अपने अनुभव के अनुसार मैंने जो जानकारी अपने पाठकों को दी है उससे सहमत या असहमत होने का पाठकों का पूरा अधिकार है परंतु फिर भी यदि कोई अतिशयोक्ति हो गई है तो क्षमा चाहूंगा और पाठकों से मेरा निवेदन है कि अपनी प्रतिक्रिया अवश्य दें

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