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Reasons for Debt in Horoscope

Are you in debt

Debt is a situation which once seizes never let the person live his life happily. If debt increases then the indebted person can even think of committing suicide. Debt or what we say in modern language Loan, whether it is for a short period of time, but it remains a debt. It is believed that if a person dies indebted, he will have to pay his debt in his next life. Whether this belief is true or not but still one should avoid taking Loan.

What you expect from astrologers in this context? Should you consult with a learned astrologer before taking or giving debt? The answer is YES ! Who will not wish that his debt get paid in a manner that he didn’t realize it at all. Who will wish that he remains debtor all his life?

What your planets say ?

As per Indian astrology 11th house of Kundli is known as income house and 12th house is for expenditures. 2nd house is for earned money which you have in your house with yourself. When you get salary or you get money from your business then we link this with the 11th house of your kundli. God has given 2 houses for wealth and 1 for expenditures. Still we spend more than we earn. The reason is obvious that your 12th house is stronger than the other 2 houses. If 11th and the owner of 2nd house is weaker then 12th house than the debt situation arises. If you have a planet in your 2nd & 11th house and more than one planet are there in your 12thhouse then you will have to take loan even if you possess lot of money. If any planet is in worst position in your 12th house then the person will be miser. These types of persons never inclined to take loan.

Appropriate Time for taking Loan.

Avoid taking Loan whether you are wealthy or poor. Still if situation comes where you have to take loan then at least get checked to some specialist, how long the time period of owner of the 12th house is. And also check is the condition currently running. If state of Dwadshesh is not there then the person hardly needs a loan. Other aspects are also there in kundli which makes a person to take loan but Mahadasha is the only time which continues for a long time like debt. So take loan on a day when there is not Amrit siddhi Yog, Ravi Yog, Punya Nakshtra or Dwadshesh Nakshatra Yog. In this regard take help of a Learned Astrologer. He is the best person to tell you whether it is the right time to take loan or not.

What to do to pay back Loan.

There is a tried & tested method which will help you come out of this condition. Those who have used it not only they got rid of their loans but also became wealthy. You only need to have faith, regards and dedication. Ganesh ji is known to be a trouble shooter. Only with the blessings of Ganesh ji, you can get rid of this worst condition of debt.

Sit in front of Ganesh ji’s idol/photo on any Tuesday with full devotion. After worship with incense stick & lamp, take water in your hand and pledge for 40 days, six months or the period of your loan, chant below Ganesh mantra daily 3 rosary for 1 month.

Aum ganesha rhinn chindi chindi varenyam hun namah phat.

Keep ablaze lamp when you chant this mantra and don’t tell anybody about this mantra till you complete this period. You will start feeling hopeful within 15 days.Jai shree Ram !
कर्ज एक ऐसी स्थिति है जो एक बार दामन पकड ले तो व्यक्ति को अपने जीवन पर ही अधिकार नहीं रहता | कर्ज बढ़ जाए तो व्यक्ति आत्महत्या तक की सोचने लगता है | कर्ज, ऋण या हम जिसे आधुनिक भाषा में लोन कहते हैं, चाहे थोड़े समय के लिए ही क्यों न हो कर्ज हि कहलाता है |

कहा जाता है कि कर्ज चुकाए बिन व्यक्ति मर जाए तो अगले जन्म में उसका हिसाब देना ही पड़ता है | चाहे यह बात सच हो न हो परंतु यह तो माना ही जाना चाहिए कि कर्ज से बचना ही उचित है |

इस सम्बन्ध में आप ज्योतिष से क्या अपेक्षा रखते हैं ? क्या कर्ज लेने या देने से पहले किसी विद्वान ज्योतिषी की सहायता लेनी चाहिए ? जवाब है हाँ | कौन नहीं चाहेगा कि उनका कर्ज इस तरह खत्म हो जाए कि पता ही न चले | कौन चाहेगा कि वह हमेशा कर्जदार ही रहे |

ग्रह क्या कहते हैं ?

कुंडली का एकादश भाव आय यानी इनकम का है और द्वादश भाव खर्च का है | दूसरा भाव संचित धन का है या जो धन आपके घर में आपके पास उपलब्ध है उसका सम्बन्ध कुंडली के दुसरे घर से होता है |

जब आप की सेलरी मिलती है या आपके व्यापार से धन आता है तो उसे हम एकादश यानि ग्यारहवें भाव से जोड़ते हैं | भगवान ने कुंडली के दो घर धन ले लिए दिए हैं और एक घर खर्च करने के लिए | फिर भी हमारा खर्च आमदनी से बाहर निकल जाता है | उसका कारण एक ही है | आपका बारहवां भाव बाकी के दोनों भावों से अधिक बलवान है |

कुंडली में यदि ग्यारहवें और दुसरे भाव के स्वामी १२वे भाव की तुलना में बलहीन हों तो कर्ज जैसी स्थिति उत्पन्न होती है | दुसरे और ग्यारहवें भाव में एक बारहवें भाव में एक से अधिक ग्रह हों तो पैसा होते हुए भी लोन की आवश्यकता पड़ जाती है | यदि बारहवें भाव में कोई ग्रह नीच राशि में हो तो व्यक्ति कंजूस होता है और अधिकतर ऐसे लोग लोन नहीं लेते या उधार की आदत ही नहीं डालते |

लोन लेने का मुहूर्त

यदि आप साधन संपन्न हैं तो भी और यदि आपकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है तो भी पहले तो कर्ज लेने से बचें | परंतु यदि बचा न जा सके तो कम से कम यह देख लें कि द्वादश भाव के स्वामि की दशा कितने वर्ष की है और क्या वह दशा वर्तमान में चल रही है ?

द्वादशेश की दशा न हो तो कर्ज की जरूरत कम ही पड़ती है | लोन लेने के और भी योग कुंडली में होते हैं परंतु फिर भी महादशा ही एक ऐसा समय है जो लोन की तरह लंबा चलता है | अत: कोशिश करें कि अमृत सिद्धि योग, रवि योग, पुष्य नक्षत्र या किसी ऐसे दिन को चुनें जिस दिन द्वादशेश का नक्षत्र भी न पड़ता हो | इस सम्बन्ध में विद्वान ज्योतिषी से सलाह ली जा सकती है | वही आपको बता सकता है कि यह समय लोन लेने के लिए उपयुक्त है भी या नहीं |

कर्ज खत्म करने के लिए क्या करें

एक बहुत ही आजमाया हुआ कारगर उपाय है जिससे हर किसी को इस मुसीबत से छुटकारा मिल सकता है | जिन लोगों ने इस उपाय को किया है न केवल कर्ज से मुक्त हुए हैं बल्कि धनी भी बन गए हैं | आवश्यकता है तो बस विशवास की, श्रद्धा की और समर्पण की |

गणेश जी को ऋणहर्ता माना गया है | उन्ही की कृपा से आपको कर्ज से हमेशा के लिए मुक्ति मिल सकती है | पूरे विशवास के साथ किसी भी मंगलवार की सुबह गणेश जी के आगे आसान बिछाकर बैठ जाएँ | धूप दीप से पूजन करने के बाद हाथ में जल लेकर संकल्प लें | ४० दिन, ६ महीने या कर्ज की आयु के अनुसार ९ महीने नीचे लिखे गणेश मन्त्र का प्रतिदिन ३ माला जप करें |

ओम गणेश ऋणं छिन्दि छिन्दि वरेण्यम हूं नमः फट

जप के दोरान धूप दीप जलता रहना चाहिए और इस साधना के समाप्त होने तक इस मन्त्र का जिक्र किसी से मत करें | पहले १५ दिन के भीतर ही आपको आशा की किरण दिखाई देने लगेगी |

 

Debt is a situation which once seizes never let the person live his life happily. If debt increases then the indebted person can even think of committing suicide. Debt or what we say in modern language Loan, whether it is for a short period of time, but it remains a debt. It is believed that if a person dies indebted, he will have to pay his debt in his next life. Whether this belief is true or not but still one should avoid taking Loan. What you expect from astrologers in this context? Should you consult with a learned astrologer…

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