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आँखों का फड़कना या आँखें फड़कना

Ankh Fadakna – आँख क्यों फडकती है

आँखें क्यों फडकती हैं इस विषय पर हम पहले भी लिख चुके हैं शोध में एक नयी बात सामने आई है वह ये की आँख फडकने का सीधा सम्बन्ध मंगल से होता है

आँख फडकने का मंगल ग्रह से सम्बन्ध

जी हाँ मंगल रक्तवाहिनी का कारक ग्रह है नसों में दौड़ता रक्त मंगल के अधिकार क्षेत्र में आता है जब भी मंगल का राशि परिवर्तन होता है तो बहुत से लोगों को ये महसूस होता है

दरअसल मंगल अनिष्ट कारक ग्रह माना जाता है मंगल की तीन दृष्टियाँ होती हैं और चौथा मंगल का असर उस स्थान पर भी होता है जहाँ मंगल बैठा है कुंडली में गुरु, केतु और बारहवां घर पूर्वाभास का होता है

आँख फड़कना है किसी घटना का पूर्वाभास

जिन लोगों की कुंडली में बारहवें घर में इन में से कोई एक ग्रह बैठा है तो पूर्वाभास होता है और यह शक्ति तब और अधिक जाग्रत हो जाती है जब कोई विशेष घटना होने वाली हो

आँख फडकना शुभ और अशुभ

ऐसा नहीं है की मंगल केवल अनिष्ट करने वाला है तभी आँख फडकती है मंगल की शुभ स्थिति और कुंडली में पूर्वाभास का संकेत देने वाले ग्रहों के होने से भी स्वप्न के माध्यम से, अंगों के फड़कने से या किसी शकुन के माध्यम से आपको पूर्वाभास हो जाएगा

आँख फड़कने का फल कब मिलता है

दायीं आँख फडके या बायीं आँख फडके जिस दिन आँख फड़कना बंद होगी उसके पश्चात आँख फड़कने का फल मिलता है यदि मंगल राशि परिवर्तन करता है तो राशी परिवर्तन के कुछ दिन पहले आँख फड़कना शुरू होगी जो राशि परिवर्तन के एक या दो दिन बाद तक जारी रहेगी उसके पश्चात मंगल का फल तब तक काफी अधिक होता है जब तक मंगल की दस डिग्री पूरी नहीं हो जाती

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